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हथेली और पंजे की तलाश में पुलिस
कोलकाता। तंत्र साधना के लिए अपने भाई की पत्नी की बलि देने वाले अभियुक्त ने पूरे योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया। तंत्र साधना के लिए मध्य रात्रि का समय अहम माना जाता है और सिद्धि प्राप्त करने के लिए भगवान के सामने मानव बलि दी जाती है। आरोपित ने इन सभी चीजों का पूरा ध्यान रखा। वाटगंज थाना इलाके के सीआईएसएफ गोदाम से मिली दुर्गा सार्केल हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस के सामने जो खुलासे हो रहे हैं उसने पुलिस के रूह भी कंपा दिये हैं। पुलिस को अभी तक दुर्गा के शव को कई हिस्से नहीं मिले हैं, जिसमें उसके हाथ की हथेली और पैर का पंजा भी शामिल है। पुलिस ने मंगलवार को दुर्गा सार्केल का सिर, हाथ-पैर और धड़ बरामद किया था। इस घटना के दो दिन बाद शुक्रवार को पुलिस ने दुर्गा सार्केल के पेट का हिस्सा बरामद किया, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक दुर्गा सार्केल के हथेली और पंजे नहीं लगे हैं।
पुलिस इस मामले में दुर्गा के जेठ निलांजन सार्केल को गिरफ्तार कर चुकी है और उससे मैराथन पूछताछ की जा रही है। पुलिस की माने तो निलांजन जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और पुलिस के सवालों का घुमा-फिराकर जवाब दे रहे हैं।
पुलिस का मानना है कि इस हत्याकांड का रहस्य घर के पूजा घर में छिपा है। हत्या के पीछे तंत्र साधना की थ्योरी को खंगाला जा रहा है। पुलिस के अनुसार हत्याकांड को अंजाम देने के लिये नीलांजन ने पूरा प्लान सेट कर लिया था। दुर्गा की बलि देने से लेकर शव को ठीकाने लगाने तक का प्लान सेट था जिसके लिये नीलांजन ने शव को काटने के लिए आरी व शव भरने के लिये सफेद बैग का इंताजाम पहले से कर रखा था। रात जैसे गहराई और परिवार के लोग सो गये तब नीलांजन ने दुर्गा को शराब पिलाया और मदहोश कर दिया। दुर्गा को मदहोश करने के बाद नीलांजन नहाने गया और नहाने के बाद घर के मंदिर में तंत्र साधना के लिये बैठ गया। पूजा, तंत्र-मंत्र खत्म होने के बाद सिद्धि पाने के लिये नीलांजन ने आरी से अपनी भाभी का गर्दन काटा।
पुलिस को आशंका हैं कि तंत्र साधना और सिद्धि पाने के लिये नीलांजन ने रक्त पान भी किया होगा। ठीक वैसे ही जैसे 5 जनवरी 2019 को रायपुर में एक बेटे ने आपनी माँ की बलि देने के बाद रक्त पान किया था। पुलिस सूत्रों की माने तो दुर्गा की बलि देने के बाद अब शव को ठिकाना लगाना था जिसके लिये नीलांजन ने गुर्गा के शव को आरी से काटकर टुकड़े-टुकड़े कर दिया। शव को काटने के बाद तड़के करीब 5 बजे वो शव को लेकर साइकिल के जरिये घर से 800 मीटर की दूरी पर स्थित सीआईएसएफ के बंद पड़े गोदाम में पहुँचा और शव को वहाँ फेंका। इसके बाद वो घर लौटा और वहाँ से दोबारा शव के बाकी हिस्से को लेकर चटकल घाट पहुँचा और यहाँ शव के पास बैठकर फिर से तंत्र साधना किया। लालबाजार पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक चटलक घाट के पास से पुलिस ने पूजा का सामान भी बरामद किया है।
फोरेंसिक विभाग के विशेषज्ञ और लालबाजार के अधिकारी हत्याकांड वाले घटनास्थल पर पहुँची। नीलांजन के मकान के दूसरी मंजिल पर स्थित पूजा घर में भी पुलिस अधिकारी गए थे। पुलिस को पूजा घर से खून का कोई निशान नहीं मिला। लेकिन फर्श, बाथरूम के दरवाजे, पैकिंग बॉक्स, सीमेंट बैग, वॉश हैंड बेसिन के बगल में खून की बूंदें मिली हैं। नीलांजन के घर से खून से सना शर्ट, खून पोंछने का कपड़ा, कुछ औजार भी बरामद किये गये। पूजा घर से एक खंजर भी मिला है।
हालांकि लालबाजार पुलिस मुख्यालय सूत्रों की माने तो हत्या के पीछे के कारण का अभी तक कोई सटीक कारण नहीं पता चला है और आरोपी भी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है। पुलिस हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। साथ ही साथ शव के शेष हिस्से को भी तलाशा जा रहा है।
पुलिस सूत्रों की माने तो दुर्गा का पति बीते एक साल से नशामुक्ति केंद्र में इलाजरत है। जिस जगह पर उसका इलाज चल रहा है वहां एक रोगी की मौत हो गयी थी और जब पुलिस इस मौत के कारणों का पता लगाने वहां पहुंची तो वहां से भाग निकला। दुर्गा का पति सीधा अपने घर पहुंचा और अपने भाई के जेब से 4500 रुपए चोरी कर लिया। चोरी का रुपए लेकर वो सीधे शराब के अड्डे पर पहुंचा जहां उसने 300 रुपए की शराब पीया। बाकी का पैसा उसने भाई को लौटा दिया। इस घटना के बाद निलांजन काफी क्रोधित था। उसने दुर्गा को फोन किया और बताया कि वो मायके से घर आ जाये क्योंकि सास की तबियत बहुत खराब है और उनकी देखभाल करनी होगी। दुर्गा अपने बेटे के साथ ससुराल पहुंची। रात में वो अपने सास के साथ सो रही थी और दुर्गा का बेटा निलांजन के कमरे में। सबके सो जाने के बाद निलांजन ने दुर्गा को बुलाया और शराब पी और इसके बाद पूरे वारदात को अंजाम दिया गया।